हिजाब इक्सीर है आवारा-ए-कू-ए-मोहब्बत को
मिरी आतिश को भड़काती है तेरी देर-पैवंदी
“The veil is an elixir to the wanderer of love, My fire is ignited by your delayed grace.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
यह हिजाब एक अमृत है जो मोहब्बत के आवारा को है, और मेरी आतिश तेरी देर से मिलने वाली कृपा से भड़कती है।
विस्तार
ये शेर इश्क़ के उस दर्द भरे एहसास को बयान करता है, जब इंतज़ार ही सब कुछ होता है। शायर कहते हैं कि हिजाब तो मोहब्बतों के रास्तों पर घूमते आवारा के लिए इक्सीर है.... लेकिन मेरी आग को भड़काने वाली चीज़, वो है महबूब की ये देर-पेंदी। बस, उस इंतज़ार में ही इश्क़ की असली तपिश है!
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