तिरी निगाह फ़रोमाया हाथ है कोताह
तिरा गुनह कि नख़ील-ए-बुलंद का है गुनाह
“Your gaze is a borrowed, fleeting hand, Your fault is the sin of the towering palm.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
आपकी नज़र एक उधार का, क्षणभंगुर हाथ है, और आपका गुनाह ऊँचे नखल (खजूर) का पाप है।
विस्तार
यह शेर बहुत गहरा है। शायर यहाँ बता रहे हैं कि कभी-कभी छोटी सी बात, एक नज़र का फ़रोमाया होना, भी कितना बड़ा गुनाह हो सकता है। यह गुनाह सिर्फ़ हमारी निजी गलती नहीं है; यह तो उस ऊँचे, आदर्श शिखर (नख़ील-ए-बुलंद) से किया गया पाप है। यह हमें याद दिलाता है कि जीवन में कोई भी छोटा कदम, अगर सही रास्ते से भटके, तो उसका अंजाम बहुत भारी होता है।
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