ख़ुदी में गुम है ख़ुदाई तलाश कर ग़ाफ़िल
यही है तेरे लिए अब सलाह-ए-कार की राह
“Lost in the self, seeking the Divine; heedless, this is the path of advice for you.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
ख़ुदी में गुम है ख़ुदाई तलाश कर ग़ाफ़िल। यही है तेरे लिए अब सलाह-ए-कार की राह।
विस्तार
यह शेर आत्म-खोज और अध्यात्म के गहरे दर्शन को समझाता है। शायर कहते हैं कि ईश्वर की तलाश बाहर नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर होती है। जब हम 'ख़ुदी' को पहचान लेते हैं, तो 'ख़ुदाई' का रास्ता अपने आप खुल जाता है। यह पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि जीवन की सबसे बड़ी यात्रा बाहर नहीं, बल्कि हमारे अपने मन के भीतर की होती है।
