“It is here, it is here - liberation is here; Not there, not there, where else but here?”
मुक्ति यहीं है, यहीं है; यह कहीं और नहीं, बल्कि इसी स्थान पर मौजूद है। यह न तो कहीं और मिलेगी और न ही किसी दूसरी जगह पर।
यह प्यारा दोहा हमें याद दिलाता है कि सच्ची मुक्ति, या जिसे कई लोग परम शांति और खुशी के रूप में खोजते हैं, वह किसी दूर की जगह या बाहरी तलाश में नहीं मिलती। यह यहीं है, आपके भीतर, इसी पल में। हम अक्सर इसे कहीं और खोजते हैं, सोचते हैं कि 'वह वहाँ नहीं, वह वहाँ नहीं है,' लेकिन ज्ञान कहता है, 'और कहाँ? यह यहीं है!' यह हमें अपने अंदर देखने के लिए प्रोत्साहित करता है, संतोष और स्वतंत्रता को अपनी वर्तमान वास्तविकता से भागकर नहीं, बल्कि उसे स्वीकार करके खोजने के लिए कहता है। मुक्ति की यात्रा आपके अपने भीतर, अभी और यहीं से शुरू होती है और समाप्त होती है।
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