મહાસિંધુની ઓ લહરી લહરી!
તમ બિન્દુએ બિન્દુની જીભ કરી
“O waves, O waves of the mighty ocean!By your drop, a tongue for every drop you fashioned.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
हे महासागर की लहरों, तुम्हारी बूंदों ने हर बूंद को वाणी प्रदान की है।
विस्तार
महासमुद्र की हे लहरों! तुम्हारी एक बूंद ने हर बूंद को जुबान दे दी। यह पंक्ति बताती है कि विशाल, अनंत ईश्वरीय चेतना, जो एक महासागर जैसी है, अपनी सूक्ष्म से सूक्ष्म सत्ता को भी अपनी ही पहचान देती है। इसका अर्थ है कि परमात्मा का एक छोटा सा अंश भी हम सभी के भीतर बोलने, समझने या उस परम सत्य से जुड़ने की क्षमता जगाता है। हर व्यक्ति, हर 'बूंद', इस सार्वभौमिक स्रोत से अपने गहरे जुड़ाव को व्यक्त करने या अनुभव करने के लिए सशक्त है। यह हम सभी में निहित दिव्यता और क्षमता की याद दिलाता है।
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