ફકીરનું નેત્રસુધા ન ગમ્યું.
“The fakir found no pleasure in the eye's sweet nectar.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
फकीर को आँखों का अमृत पसंद नहीं आया। उसे इसमें कोई आनंद नहीं मिला।
विस्तार
यह पंक्ति 'फ़कीर को नेत्रसुधा पसंद नहीं आई' का अर्थ है कि एक फ़कीर, जो अक्सर दुनियावी मोहमाया से विरक्त रहता है, उसे आँखों को अत्यंत सुंदर लगने वाली वस्तु भी प्रभावित नहीं कर पाई। 'नेत्रसुधा' का अर्थ है आँखों के लिए अमृत या अत्यंत मनभावन दृश्य। यह दर्शाता है कि फ़कीर बाहरी सुंदरता या भौतिक आकर्षणों से ऊपर उठकर आंतरिक शांति और आध्यात्मिक मार्ग पर केंद्रित है। उसके लिए असली संतोष भीतर से आता है, न कि बाहरी दिखावे से।
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