Sukhan AI
છાતીએ ચાંપી શેકના ગોટા, બીડીઓ વાળો...રે!
નિરાધાર, બીડીઓ વાળો...રે!

To my chest, I press these wads of grief, roll the bidis, oh!Helpless, roll the bidis, oh!

ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ

कवि अपने दुख के गट्ठरों को छाती से लगाए हुए है और असहाय महसूस करता है। इसके बावजूद, बीड़ियाँ बनाने का आग्रह बार-बार दोहराया जा रहा है।

विस्तार

यह दोहा गरीबी और संघर्ष की एक मार्मिक तस्वीर प्रस्तुत करता है। इसमें एक व्यक्ति अपनी छाती से 'गर्मी के गट्ठे' चिपकाए हुए दर्शाया गया है, जो शायद आराम की तलाश या वास्तविक गर्म सेंक हो सकती है। साथ ही, उसे 'बीडी बनाने' के लिए कहा जा रहा है, जो अक्सर कम मजदूरी वाले शारीरिक श्रम से जुड़ा होता है। "निराधार, बीड़ी बनाओ!" की पुनरावृत्ति गहरी लाचारी और अभाव की भावना को उजागर करती है। यह ऐसे जीवन को दर्शाता है जहाँ आराम दुर्लभ है और व्यक्ति को केवल गुजारा करने के लिए थकाऊ, कम वेतन वाला काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जो निर्भरता और संघर्ष के एक चक्र पर जोर देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.