દૂધ મીઠાં લાવેઃ
જોઈ સિનેમા માંડ સૂતાં'તાં: ઊઠવું કેમ ભાવે!
“Sweet milk he brings: Barely asleep after the cinema, how can one feel like rising!”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
वह मीठा दूध लाता है। सिनेमा देखकर मुश्किल से सोए थे, ऐसे में उठने का मन कैसे करेगा!
विस्तार
यह दोहा उस आम भावना को कितनी खूबसूरती से पकड़ता है जब हमें बिस्तर से उठने का बिल्कुल मन नहीं करता! कल्पना कीजिए, आप अभी-अभी सिनेमा देखकर आए हैं, थके हुए हैं और जैसे-तैसे नींद की आगोश में समाने लगे हैं। तभी कोई पुकारता है, शायद मीठा दूध लाने के लिए कहता है। यह कविता उसी गहरी अनिच्छा को व्यक्त करती है: "सिनेमा देखकर हम मुश्किल से ही सो पाए थे, अब उठने का मन भला कैसे कर सकता है!" यह एक प्यारी, relatable शिकायत है कि ठीक उस वक्त हमें जगाया जा रहा है जब हमें शांति से नींद आई है।
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