જો હું નાની થાત નદી.
રમતી ભમતી ગામ-સીમાડે
“If I were a tiny river,Playing and winding by the village border.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
अगर मैं एक छोटी नदी होती, तो गाँव की सीमा पर खेलती और घूमती रहती।
विस्तार
यह दोहा एक प्यारी सी कल्पना को दर्शाता है। इसमें कहा गया है कि काश मैं एक छोटी नदी होती, जो गाँव की सीमा के पास खेलती-कूदती, इठलाती हुई बहती। यह छोटी नदी की आज़ादी और चंचलता का वर्णन करता है, जैसे कोई बच्चा बिना किसी फिक्र के खेलता है। गाँव के किनारे पर बहती यह नदी प्रकृति के साथ जुड़ाव और एक carefree जीवन की इच्छा को व्यक्त करती है। यह हमें प्रकृति की सादगी और उसकी मुक्त भावना की याद दिलाता है। यह एक सुंदर सपना है, जहाँ आप बस बहते जाते हैं, बिना किसी चिंता के।
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