અંધારી રાત : મારો સાયબોજી જળમાં
જોઈ રહે થર થર જ્યોત;
“Dark night: my beloved in the water gazes at the trembling flame;”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
अँधेरी रात में, मेरा प्रिय जल में काँपती हुई लौ को देख रहा है।
विस्तार
यह दोहा एक अंधेरी रात का खूबसूरत दृश्य प्रस्तुत करता है। इसमें आपका प्रियजन पानी के किनारे खड़ा होकर एक कांपती हुई लौ को बड़े ध्यान से देख रहा है। यह दृश्य गहरी सोच या लालसा को दर्शाता है। पानी में झिलमिलाती हुई लौ एक नाजुक आशा, एक दूर के सपने, या जीवन और प्रेम की क्षणभंगुर प्रकृति का प्रतीक हो सकती है। यह एक मर्मस्पर्शी पल है, जो शांत भावनाओं और गहरे विचारों से भरा है, जहाँ विशाल अंधेरा उस छोटी, नाचती हुई रोशनी के साथ एक सुंदर विपरीतता बनाता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
