દોરંગાં દેખીને ડરિયાં: ટેકીલાં હો!
લેજો કસુંબીનો રંગ!-રાજ.
“Seeing the two-faced, we are afraid: O steadfast ones! Embrace the hue of kasumbi! -O King.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
दोमुंहे लोगों को देखकर हम डर गए हैं। हे निष्ठावानों, कसूंबी का रंग अपना लो।
विस्तार
यह दोहा कवि राज की गहरी भावना व्यक्त करता है। इसमें कहा गया है, 'दो रंग के लोगों को देखकर मैं डर गया।' यह धोखे और अस्थिरता से उपजी थकावट को दर्शाता है। कवि फिर उन लोगों को संबोधित करते हैं जो दृढ़ और अटल हैं, कहते हैं, 'हे अटल लोगों, कसूंबी का रंग अपनाओ!' कसूंबी एक गहरा लाल रंग है, जो साहस, त्याग और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह कपट को त्यागकर ईमानदारी और जुनून से भरे जीवन को अपनाने का आह्वान है, ठीक वैसे ही जैसे एक योद्धा या भक्त अपने चुने हुए मार्ग को पूरे दिल से अपनाता है।
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