Sukhan AI
ત્યારે હાય રે હાય, કવિ! તુંને સાગરતીર કેરાં શેણે ગીત ગમે!
મહારોગ ને મૃત્યુના સાગરમાં

Then, alas, oh alas, poet! Why do you like songs of the seashore? In the ocean of great disease and death...

ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ

हाय रे हाय, कवि! जब तुम महामारी और मृत्यु के सागर में हो, तो तुम्हें सागर तट के गीत क्यों प्रिय लगते हैं?

विस्तार

यह दोहा एक कवि से मार्मिक सवाल पूछता है। यह कहता है, 'हे कवि, जब हम सभी भयंकर बीमारियों और मृत्यु के सागर में डूबे हुए हैं, तब भी तुम्हें सागर तट के गीत क्यों पसंद आते हैं?' ये पंक्तियाँ कला की सुंदरता और पलायनवाद और जीवन की कठोर वास्तविकताओं के बीच एक गहरा विरोधाभास उजागर करती हैं। यह एक गहरी वेदना व्यक्त करता है, यह सवाल करता है कि जब दुनिया गहन पीड़ा और नश्वरता से जूझ रही हो तो हल्के-फुल्के छंदों की क्या प्रासंगिकता है। यह जीवन के संघर्षों के बीच हमारे ध्यान के केंद्र पर विचार करने का एक आह्वान है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.