સાંજલ તારા! ગુણિયલ તારા!
કે તુજ ઊગ્યે પંખીડલાં
“Oh, star of evening! Oh, star of grace!When you ascend, the little birds...”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
हे सांध्य तारे! हे गुणवान तारे! जब तुम उगते हो, तो छोटे पक्षी...
विस्तार
यह प्यारा दोहा शाम के तारे का सुंदर चित्रण करता है। इसे "सांझल तारा" यानी संध्या तारा और "गुणियल तारा" यानी गुणों वाला या शुभ तारा कहा गया है। यह बताता है कि जैसे ही यह तारा उदय होता है, छोटे पक्षी ("पंखीडलां") इसका स्वागत करते हैं या इसकी उपस्थिति पर प्रतिक्रिया देते हैं। यह एक शांत, प्राकृतिक दृश्य को दर्शाता है जहाँ संध्या तारे का आना दिन के एक विशेष समय का संकेत देता है, शायद जब पक्षी अपने घोंसलों में लौटते हैं। यह प्रकृति के लयबद्ध सौंदर्य का एक मार्मिक और सरल अवलोकन है, जो गोधूलि बेला की मधुरता को दर्शाता है।
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