સાંજલ તારા! ઝળહળ તારા!
કે દુશમન પણ નવ ખેડજો
“Oh twinkling stars! Oh radiant stars!May even foes not dare to exploit them.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
ओ टिमटिमाते तारों! ओ जगमगाते तारों! दुश्मन भी इनका शोषण करने की हिम्मत न करें।
विस्तार
यह दोहा शाम के तारों और उनकी चमक का एक सुंदर चित्रण करता है। इसमें एक गहरी इच्छा निहित है: कि ऐसी सुंदरता को दुश्मन भी न छेड़ें या नुकसान न पहुंचाएं। यह सार्वभौमिक शांति और सम्मान की अपील है, यह सुझाता है कि कुछ चीजें इतनी पवित्र और चमकदार होती हैं कि उन्हें अछूता छोड़ देना चाहिए, यहां तक कि बुरे इरादों वाले लोगों द्वारा भी। यह हमें अपने आस-पास की अंतर्निहित अच्छाई और सुंदरता की सराहना करने और उसकी रक्षा करने के लिए प्रेरित करता है, यह कामना करते हुए कि यह किसी भी संघर्ष से अप्रभावित रहे।
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