એને ઓષ્ઠ-કપોલે-ભાલે ધરજો ચુંબન ધીરેઃ
સહુ માતા ને ભગિની રે!
“Upon her lips, her cheeks, her brow, bestow a gentle kiss:O all mothers and sisters, know this bliss!”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
उसके होंठों, गालों और माथे पर धीरे से चुंबन अर्पित करो। हे सभी माताओं और बहनों!
विस्तार
यह सुंदर दोहा प्रेम और दुलार से भरी एक कोमल विनती है। इसमें सभी माताओं और बहनों से धीरे से किसी के होंठों, गालों और माथे पर चुंबन देने का आग्रह किया गया है। यह गहरे स्नेह और देखभाल को खूबसूरती से व्यक्त करता है, उस प्रेमपूर्ण स्पर्श पर जोर देता है जो केवल माँ या बहन ही दे सकती है। यह पालन-पोषण वाले प्रेम और देखभाल की कोमल अभिव्यक्तियों के लिए एक हृदयस्पर्शी आह्वान है, जो बताता है कि प्यार को कोमलता और गर्मजोशी से दर्शाया जाना चाहिए, उस व्यक्ति को संजोते हुए।
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