રાત્રિની ઠંડક સળગાવો, દિલદાર!
લાવાની નદીઓ રેલાવો, દિલદાર!
“Ignite the night's chill, O beloved,Let rivers of lava flow, O beloved!”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
हे प्रिय, रात की ठंडक को प्रज्वलित करो, और लावा की नदियाँ बहाओ।
विस्तार
यह शेर एक प्रेमी द्वारा अपने महबूब, जिन्हें 'दिलदार' कहा गया है, से की गई एक भावुक पुकार है। यह शांत, ठंडी रात को एक तीव्र गर्म और जोशीले अनुभव में बदलने की गुहार है। जब शायर 'रात की ठंडक को सुलगाने' और 'लावा की नदियां बहाने' के लिए कहता है, तो वह प्रेम, गर्माहट और प्रखर भावनाओं की एक जबरदस्त लहर चाहता है। यह दूरी या ठंडक के किसी भी एहसास को मिटाने की इच्छा है, इसे एक अटूट, शक्तिशाली और सर्वव्यापी स्नेह से बदलने की बात है जो रात को गहरे जुड़ाव और रोमांचक जुनून से प्रज्वलित कर दे।
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