નીરખવા દો મુને લાખ નયનો કરી,
આકૃતિ-જ્વાલ એ બાલની અણઠરી.
“Let me behold with a myriad of eyes,That child's form, a flame which ne'er subsides.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
मुझे लाखों आँखों से उस बच्चे के रूप को देखने दो, जो एक शांत न होने वाली ज्वाला है।
विस्तार
यह दोहा किसी की मनमोहक सुंदरता के प्रति गहरी प्रशंसा व्यक्त करता है। कवि उस बच्चे या युवक की तेजस्वी, ज्वाला-सी आकृति से इतना मंत्रमुग्ध है कि वह उसे पूरी तरह से निहारने के लिए लाखों आँखें चाहता है। यह बताता है कि उनकी सुंदरता इतनी तीव्र और मोहक है कि वह 'अविनाशी' या अथाह है, जो देखने वाले को पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर देती है। यह किसी की दीप्तिमान उपस्थिति से पूरी तरह मोहित होने की भावना को व्यक्त करने का एक सुंदर तरीका है।
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