ગાવડી પીશે
ઢેલડી પીશે
“The cow will drink,The peahen will drink.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
गाय पियेगी, मोरनी पियेगी।
विस्तार
यह सरल दोहा, 'गाँवड़ी पीशे, ढेलड़ी पीशे,' का अर्थ है 'गाय पियेगी, मोरनी पियेगी।' यह प्रकृति का एक शांत चित्र प्रस्तुत करता है, जिसमें विभिन्न प्राणियों द्वारा साझा किए गए पीने के मूल कार्य पर प्रकाश डाला गया है। यह एक शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का सुझाव देता है, जहाँ प्रत्येक जानवर पानी की अपनी बुनियादी आवश्यकता को पूरा करता है। ये पंक्तियाँ एक साझा जल स्रोत पर या जीवन की आवश्यक आवश्यकताओं की सार्वभौमिकता को दर्शाती हुई, प्राकृतिक दुनिया को उसके शुद्धतम रूप में देखते हुए, शांति की भावना पैदा करती हैं। यह प्रकृति की साधारण लय का एक कोमल अनुस्मारक है।
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