बानी से पह्चानिये , साम चोर की घात। अन्दर की करनी से सब , निकले मुँह कई बात॥ 77॥
“By words, the thief's scheme is revealed, but from inner actions, many truths emerge.”
— कबीर
अर्थ
बोलने के तरीके से चोर की योजना का पता चलता है, लेकिन अंदर के कार्यों से कई बातें बाहर आती हैं।
विस्तार
कबीर दास जी यहाँ कितनी गहरी बात कह रहे हैं कि सिर्फ शब्दों से किसी चोर की चाल या ऊपरी दिखावा तो समझ आ जाता है। मगर किसी भी व्यक्ति का असली स्वभाव और उसके दिल की सच्चाई उसकी अंदरूनी करनी, यानी उसके कर्मों से ही पूरी तरह सामने आती है। शब्दों का मुखौटा कभी टिकता नहीं, अंत में इंसान के कर्म ही उसकी असलियत का आइना बन जाते हैं, जो हर राज खोल देते हैं।
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