Sukhan AI
કુરંગો જ્યાં કૂદે ભોળાં, પરિન્દાનાં ઊડે ટોળાં;
કબૂતર ઘૂઘવે છે જ્યાં, હમારા મહેલ ઊભા ત્યાં!

Where innocent deer leap and play,And flocks of birds soar far away;Where cooing pigeons fill the air,Our palaces stand proudly there!

कलाપી
अर्थ

जहाँ भोले हिरण उछलते हैं, पंछियों के झुंड उड़ते हैं और कबूतर गुटरगूँ करते हैं, वहीं हमारे महल खड़े हैं।

विस्तार

यह खूबसूरत दोहा सच्ची शांति और अपनेपन का एक सुंदर चित्र प्रस्तुत करता है। यह बताता है कि हमारे असली 'महल' भव्य, मानव निर्मित इमारतें नहीं हैं, बल्कि वे स्थान हैं जो प्रकृति की सरल खुशियों से भरे हुए हैं। कल्पना कीजिए जहाँ भोले-भाले हिरण playfully कूद रहे हों, जहाँ पक्षियों के झुंड gracefully उड़ रहे हों, और जहाँ कबूतर शांति से गुटर-गूं कर रहे हों। कवि का अर्थ है कि जहाँ ऐसी प्राकृतिक सामंजस्य और शांति मौजूद है, वहीं हमें अपना सच्चा घर, अपना सुकून और अपनी आंतरिक शांति मिलती है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारी सबसे प्रिय जगहें भौतिक धन से नहीं, बल्कि सुंदरता, शांति और प्रकृति से जुड़ाव से परिभाषित होती हैं और हमें सचमुच घर जैसा महसूस कराती हैं।

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