પ્હોંચી હતી નજર એ ત્યંહિં યોધ પાસે
જ્યારે હતાં નયન હંસ પરે ઠરેલાં. ૧૩
“Her gaze had reached that warrior there,When her own eyes were fixed upon the swan.”
— कलाપી
अर्थ
उसकी नजर उस योद्धा तक पहुंच गई थी, जब उसकी अपनी आंखें हंस पर टिकी हुई थीं।
विस्तार
यह दोहा एक केंद्रित योद्धा का सुंदर चित्रण प्रस्तुत करता है। कल्पना कीजिए कि कोई उस योद्धा को ध्यान से देख रहा है जिसकी आँखें पूरी तरह से एक हंस पर टिकी हैं, शायद किसी चुनौती के हिस्से के रूप में या गहरी सोच में। भले ही योद्धा की दृष्टि उस सुंदर पक्षी पर केंद्रित है, फिर भी किसी और की नज़र उस तक पहुँच गई है। यह योद्धा के गहन एकाग्रता के क्षण और किसी और द्वारा की गई मूक अवलोकन को दर्शाता है, जिससे शब्दों के बिना प्रत्याशा और सूक्ष्म जुड़ाव का एहसास होता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
