“When love was created, no one was consulted then;If erasing it brings joy, no need to ask again.”
जब इश्क़ पैदा किया गया था तब किसी से पूछा नहीं गया था। अगर अब उसे मिटाने में खुशी मिलती है तो पूछने की कोई ज़रूरत नहीं।
यह शेर कहता है कि जब प्यार हमारे जीवन में आता है, तो हम किसी से पूछते नहीं, न कोई सलाह लेते हैं। वह बस हो जाता है। इसी तरह, कवि एक गहरा संदेश देते हैं: अगर उस प्यार को मिटाने या उससे आगे बढ़ने में आपको सच्ची खुशी और शांति मिलती है, तो उस फैसले के लिए भी किसी और से इजाज़त लेने या सलाह मांगने की कोई ज़रूरत नहीं है। यह दिल के मामलों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर जोर देता है। जैसे प्यार का शुरू होना स्वाभाविक था, वैसे ही अगर उससे मुक्ति आपको खुशी देती है, तो उसे खत्म करना भी आपका अपना निर्णय है। आपकी खुशी सबसे महत्वपूर्ण है।
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