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बूडते गजराज राखे, कियो बाहर नीर।

He saved the king elephant from sinking deep,And brought him out of the water's keep.

मीराबाई
अर्थ

उन्होंने डूबते हुए गजराज को बचाया और उसे पानी से बाहर निकाला।

विस्तार

यह दोहा एक दिव्य बचाव की सुंदर व्याख्या करता है। "बूडते गजराज राखे, कियो बाहर नीर" का अर्थ है 'डूबते हुए गजराज को बचाया गया, और पानी बाहर कर दिया गया'। यह प्रसिद्ध गजेंद्र मोक्ष की कथा को दर्शाता है, जहाँ एक शक्तिशाली हाथी, एक मगरमच्छ द्वारा झील में फँसकर धीरे-धीरे डूब रहा था। अपनी शक्ति के बावजूद, वह खुद को मुक्त नहीं कर पा रहा था। उस नाजुक क्षण में, भगवान ने हस्तक्षेप किया। भगवान विष्णु प्रकट हुए और गजराज को मगरमच्छ के चंगुल से बचाया, उसे खतरनाक पानी से बाहर निकाला। यह श्लोक दर्शाता है कि कैसे सबसे शक्तिशाली प्राणी भी लाचार हो सकते हैं, और कैसे भगवान अपने भक्तों की सबसे कठिन घड़ी में सहायता करते हैं, उन्हें असंभव लगने वाली परिस्थितियों से बचाते हैं।

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