गगन मंडल पर सेज पिया की किस बिध मिलणा होय।
“My beloved's bed is on the celestial sphere; how shall I ever meet him there?”
— मीराबाई
अर्थ
मेरे प्रियतम का पलंग आकाश में है; मैं उनसे कैसे मिल पाऊँगी?
विस्तार
यह सुंदर दोहा आत्मा की परमात्मा से मिलने की गहरी तड़प को दर्शाता है। इसमें बताया गया है कि प्रियतम की सेज गगन मंडल पर है, जो सर्वोच्च सत्य या ईश्वर का प्रतीक है। 'गगन मंडल' एक बहुत ऊँचे, आध्यात्मिक लोक या अवस्था का रूपक है, जो दूर और पहुँच से बाहर लगती है। 'किस बिध मिलणा होय' यह प्रश्न साधक की तीव्र उत्कंठा और आध्यात्मिक मिलन को प्राप्त करने में आने वाली कठिनाई को व्यक्त करता है। यह आत्मा की परमात्मा के साथ एकाकार होने की प्रबल इच्छा और उस परम निकटता को पाने के मार्ग के बारे में सोचने की बात है।
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