इक सिसकता है एक मरता है
हर तरफ़ ज़ुल्म हो रहा है याँ
“One coughs, one dies, Oppression reigns everywhere now.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
यहाँ एक व्यक्ति सिसक रहा है और दूसरा मर रहा है। इस दुनिया में हर तरफ अन्याय और जुल्म हो रहा है।
विस्तार
यह शेर बहुत गहरे दर्द को बयां करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि यह दुख किसी एक जगह सीमित नहीं है। एक इंसान सिर्फ़ सिसक रहा है, और दूसरा मर रहा है... यह नज़ारा हर तरफ़ फैल चुका है। यह एक दर्दनाक तस्वीर है जो बताती है कि ज़ुल्म और ग़म ने किस हद तक हर कोने को घेर लिया है।
