शरर की सी है चश्मक फ़ुर्सत-ए-उम्र
जहाँ दे टुक दिखाई हो चुकी बस
“My eyes are like a deep, dark pool of leisure, / Where the mere sight of a piece is enough.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शायर कहता है कि उसकी आँखों का नज़ारा जीवन के खाली समय जैसा गहरा और रहस्यमय है, जहाँ केवल एक झलक भी काफी है।
विस्तार
यह शेर हमें जीवन की सच्चाई से मिलाता है। शायर कहते हैं कि जीवन में जो 'फ़ुर्सत' या आज़ादी का एहसास होता है, वह महज़ एक चिंगारी की तरह है। यह कितनी नाजुक चीज़ है! जैसे ही हम उस सुकून को पकड़ने की कोशिश करते हैं, वह बस एक झलक बनकर रह जाती है। यह शेर बताता है कि ज़िंदगी में ठहराव कितना मुश्किल होता है।
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