मैं और तू हैं दोनों मजबूर-ए-तौर अपने
पेशा तिरा जफ़ा है शेवा मिरा वफ़ा है
“I and you, both are compelled by your ways; your profession is cruelty, and mine is loyalty.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मैं और आप दोनों अपने-अपने तरीके से मजबूर हैं; आपका काम बेवफ़ाई करना है, और मेरा काम वफ़ादारी निभाना है।
विस्तार
यह शेर बहुत गहरे दर्द और मजबूरी को बयान करता है। शायर कहते हैं कि हम दोनों ही अपने-अपने स्वभाव के गुलाम हैं। आप का स्वभाव है ज़ुल्म करना (जफ़ा), और मेरा स्वभाव है वफादार रहना (वफ़ा)। यह एक बहुत ही कड़वा सच है कि कभी-कभी प्यार में सबसे बड़ी तबाही, दूर जाना नहीं, बल्कि अपने स्वभाव के विपरीत न जा पाना होती है। यह शेर नियति के सामने इंसान की बेबसी दिखाता है।
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