शादी से ग़म-ए-जहाँ में वो चंद हम ने पाया
है ईद एक दिन तो दस रोज़ याँ दहा है
“In the sorrow of the world, that few moments of union with you we found; if Eid is a single day, then these ten days are a celebration.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शादी से दुनिया के गम में वह कुछ पल मिल गए; अगर ईद एक दिन का है, तो ये दस दिन जश्न हैं।
विस्तार
यह शेर बहुत गहरा है.... शायर यहाँ ज़िंदगी के दो अलग-अलग एहसास को बयान कर रहे हैं। एक है शादी का सुख, जिसमें एक तरह का ग़म होता है। और दूसरा है वो 'दहा'—वो तड़प, वो बेचैनी! शायर कहते हैं कि ईद का एक दिन का जश्न, उस तड़प के सामने कुछ भी नहीं है। यह इश्क़ के उस दर्द को दिखाता है, जो किसी भी रिश्ते की ख़ुशी से कहीं ज़्यादा गहरा होता है।
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