छाती के मेरी सारे नुमूदार हैं ये ज़ख़्म
पर्दा रहा है कौन सा अब क्या छुपाओ है
“All these scars are on my chest, Which curtain is drawing now, what is left to hide?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे सीने पर ये सारे घाव दिखाई दे रहे हैं, अब कौन सा पर्दा है जो इन्हें छिपा सकता है?
विस्तार
यह शेर दर्द की उस अवस्था को बयां करता है, जहाँ घाव इतने गहरे और खुले होते हैं कि उन्हें छिपाना नामुमकिन हो जाता है। शायर कहते हैं कि मेरी छाती पर जो ज़ख़्म हैं, वे इतने साफ़ हैं.... कि अब कौन सा पर्दा बचा है उन्हें ढकने के लिए। यह एक एहसास है कि दर्द को अब दुनिया से छुपाया नहीं जा सकता।
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