नविश्ते की ख़ूबी लिखी कब गई
किताबत भी एक अब तक आई नहीं
“When was the excellence of the afterlife written out? Even the book of life has not yet arrived.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
नश्वर जीवन की विशेषता को कब लिखा गया? जीवन की किताब भी अभी तक नहीं आई है।
विस्तार
यह शेर उस कलाकार की सबसे गहरी उलझन को बयान करता है, जिसे कभी अपनी कला पर शक होता है। शायर पूछ रहे हैं कि कहानी का असली जादू, उसकी ख़ूबी, आखिर कब और कहाँ खो गया? और सबसे बड़ा दर्द यह है कि विचार तो बहुत है, पर उसे कागज़ पर उतारने की हिम्मत या तजुर्बा नहीं मिल रहा। यह रचनात्मक अवरोध (creative block) की बात है, जो हर लिखने वाले के जीवन का हिस्सा होता है।
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