मिरी दिल-लगी उस के रू से ही है
गुल-ए-तर से कुछ आश्नाई नहीं
“My heart is attached to her mere presence, It knows nothing of the rose garden's affection.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरा दिल-लगाव केवल उसके रूप से है, वह गुल-ए-तर के स्नेह से कुछ नहीं जानता।
विस्तार
यह शेर एक बहुत गहरी बात कहता है.... शायर कहते हैं कि मेरा दिल सिर्फ़ उस एक चेहरे के लिए धड़कता है! बाकी दुनिया की खूबसूरती, चाहे वो सुबह के बाग़ में हो.... मेरे लिए बेमानी है। यह इश्क़ की वो निस्वार्थ परिभाषा है, जो सिर्फ़ एक ही नज़ारे पर ठहर जाती है।
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