तिरी गली से सदा ऐ कशंदा-ए-आलम
हज़ारों आती हुई चारपाइयाँ देखीं
“From your lane, O garland of the world, I saw thousands of four-legged creatures.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हे संसार के हार, तुम्हारी गली से मैंने हज़ारों आती हुई चारपाइयाँ देखीं।
विस्तार
यह शेर महबूब के प्रभाव को बयान करता है। शायर कह रहे हैं कि ऐ दुनिया के शोहरत, तुम्हारी गली से तो हमेशा ही महक आती है। भले ही हज़ारों लोग, हज़ारों राहगीर पास से गुज़रते हों, पर आपकी महक, आपका असर, हर जगह महसूस होता है। यह प्रेम की उस गहराई को दिखाता है, जो हर चीज़ में बस जाती है।
