कोई हुआ न रू-कश टक मेरी चश्म-ए-तर से
क्या क्या न अब्र आ कर याँ ज़ोर ज़ोर बरसे
“Did nothing happen from my tear-filled eyes, Or did the clouds gather and rain heavily here?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरी आँखों के आँसुओं से कुछ नहीं हुआ, या क्या बादल जमा होकर यहाँ ज़ोर-ज़ोर से बरस गए?
विस्तार
ये शेर बहुत गहरा है.... शायर मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि मेरे आँसू... इन्हें कोई रोक नहीं सकता! ये आंसू किसी एक वजह से नहीं हैं.... ये तो उस मूसलाधार बारिश की तरह हैं, जो बादलों से बरसती है और कभी रुकती नहीं! यह एहसास है कि जब दिल रोता है, तो वो बहना ही चाहता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
1 / 10Next →
