दिल है जिधर को ऊधर कुछ आग सी लगी थी
उस पहलू हम जो लेटे जल जल गई है करवट
“My heart was alight for whatever direction it turned; that side, where I lay, burned with every movement.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
दिल जहाँ भी लगता था, वहाँ आग सी लगी थी; जिस तरफ मैं लेटता था, उस तरफ़ करवट से जल गई है।
विस्तार
यह शेर दिल की उस बेचैनी को बयां करता है, जो सिर्फ़ भावनाओं तक सीमित नहीं होती। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि दिल को कहीं भी आराम मिलता है, तो वहाँ एक आग सी लगी होती है। यह इश्क़ का दर्द है.... जो शरीर के हर हिस्से में महसूस होता है! यह सिर्फ़ दिल का दर्द नहीं, यह ज़िंदगी का दर्द है।
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