न खोल ऐ यार मेरा गोर में मुँह
कि हसरत है मिरी जागा कफ़न में
“Oh friend, do not let my face enter your eyes, For my yearning is within the shroud.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
ऐ दोस्त, मेरे मुख को अपनी आँखों में मत देखना, क्योंकि मेरी लालसा (हसरत) तो मेरे कफ़न के अंदर है।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर के गहरे दर्द को बयां करता है। शायर कहते हैं कि मरने के बाद भी मेरा दिल शांत नहीं होगा.... मेरी चाहत इतनी गहरी है कि वह मेरे कफ़न में भी ज़िंदा रहेगी। यह सिर्फ़ एक ख्वाहिश नहीं है, बल्कि एक ऐसी बेचैनी है जो मौत के बाद भी आपको जीने का एहसास कराती है। यह दर्द की एक अनोखी मिसाल है।
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