वज्ह क्या है कि 'मीर' मुँह पे तिरे
नज़र आता है कुछ मलाल हमें
“What is the reason that 'Meer', upon your face, We perceive some trace of sorrow and malaise?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
वज्ह क्या है कि 'मीर', तुम्हारे मुख पर हमें कुछ मलाल नज़र आता है।
विस्तार
यह शेर बहुत ही नज़दीकी और गहरे एहसास को बयां करता है। शायर पूछ रहे हैं कि आपके चेहरे या होंठों पर ये मलाल (उदासी/अफसोस) क्यों दिखाई देता है? यह कोई इल्ज़ाम नहीं है, बल्कि एक गहरी बेचैनी है। मीर तक़ी मीर कहते हैं कि महबूब की सबसे छोटी सी बात, उसका एक उदास भाव, भी आशिक़ के दिल को बहुत चुभता है। यह एहसास बताता है कि हम अपने महबूब के हर भाव से जुड़े हुए हैं।
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