तर्क सब्ज़ान-ए-शहर करिए अब
बस बहुत कर चुके निहाल हमें
“Now, let us discuss the logic of the city, We have enjoyed enough already.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अब शहर का तार्किक विश्लेषण करना, यह सब बहुत हो चुका है, हमें निहाल होकर काफी आनंद आ गया है।
विस्तार
यह शेर एक बहुत ही नज़ाकत भरी शिकायत है। शायर, मिर्ज़ा तक़ी मीर, किसी से कह रहे हैं कि अब आप शहर की हरियाली का ख़याल रखें। लेकिन इसका मतलब है कि 'आप हमें इतनी ख़ुशी दे चुके हैं कि हम बहुत ज़्यादा निहाल हो चुके हैं!' यह एक मीठी सी थकान है, जो बहुत ज़्यादा ख़ुशी से होती है। यह शिद्दत से भरी शिकायत है!
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