कब तक उस तंगना में खींचिए रंज
याँ से यारब तू ही निकाल हमें
“How long will you drag the sorrow in that cage? O friend, only you can rescue us.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अर्थ यह है कि प्रियतम से कहा जा रहा है कि वह कब तक हमें उस तंगना (कठिन स्थिति) में दुख खींचते रहेंगे; हे मित्र, केवल आप ही हमें इस जगह से बाहर निकाल सकते हैं।
विस्तार
यह शेर एक गहरे दर्द और तड़प को बयान करता है। शायर पूछ रहे हैं कि यह गम, यह दुःख... कब तक हमें इस तंग, संकरी जगह में खींचते रहेंगे? वह अपनी तड़प को किसी और के पास नहीं, बल्कि सीधे रब से जोड़ते हैं। यह एक ऐसी पुकार है, जहाँ इंसान अपनी हद से ज़्यादा दर्द सह चुका होता है और सिर्फ़ मुक्ति चाहता है।
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