उठे है गर्द की जा नाला गोर से इस की
ग़ुबार-ए-'मीर' भी 'आशिक़ है ने सवारों का
“The dust of the ditch has arisen, O Mine, from the mountains; even the dust of 'Meer' is 'Aashiq' (lover) of the riders.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
नाला गोर से उठे है गर्द की जा नाला गोर से इस की ग़ुबार-ए-'मीर' भी 'आशिक़' है ने सवारों का।
विस्तार
यह शेर बताता है कि सच्चे इश्क़ का असर कितना गहरा होता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि उनकी मोहब्बत का जो गुबार है, वह इतना असरदार है कि उस धूल को भी 'आशिक़' होना पड़ रहा है। यह सिर्फ एक अतिशयोक्ति नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि उनका जुनून और उनका प्यार हर जगह फैल गया है, इतना कि हवा और धूल भी उससे खिंची चली आती है। वाह!
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