करें हैं दा'वा ख़ुश-चश्मी-ए-आहुवान-ए-दश्त
टक एक देखने चल मलक उन गँवारों का
“You claim to be the beautiful eyes of the battlefield, / Come and see those rugged hills, O prince.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शायर कहते हैं कि तुम युद्ध के मैदान की खूबसूरत आँखें हो, लेकिन मैं तुम्हें उन ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों को देखने चलने के लिए कह रहा हूँ, ऐ राजकुमार।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर की तंज़ और सामाजिक टिप्पणी से भरा है। शायर उन लोगों पर तंज़ कर रहे हैं जो अपनी ख़ूबसूरती या अनुभवों का दावा करते हैं। उनका कहना है कि ये दावे बस हवाबाज़ी हैं। असली नज़ारा, असली मज़ा तो उन साधारण लोगों को देखने में है, जो अपनी नादानी में लगे हैं। यह एक बेहतरीन कटाक्ष है दिखावे और घमंड पर।
