तुझ बिन शराब पी के मूए सब तिरे ख़राब
साक़ी बग़ैर तेरे उन्हें जाम-ए-सम हुआ
“Without you, my beloved, the wine drunk and the lips stained, every cup has become a bitter draught, O cupbearer, without you.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
तुझ बिन शराब पीकर मूए सब तेरे ख़राब, साक़ी बग़ैर तेरे उन्हें जाम-ए-ज़हर हुआ।
विस्तार
यह शेर महबूब की महत्ता को बयां करता है। शायर कहते हैं कि जब आप पास नहीं होते, तो शराब पीकर मेरे सारे दोस्त... सब बेकार हो जाते हैं। और वो जाम, जो पहले मदहोशी का कारण था, वो आपके बिना... एक पवित्र वस्तु बनकर रह गया है। इसका मतलब है कि आपकी याद ही हमारी सबसे बड़ी नशा है।
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