का-ए-सर-कशाँ जहान में खींचा था में भी सर
पायान-ए-कार मोर की ख़ाक-ए-क़दम हुआ
“O, my head, in what world did you pull me so? My head, the dust of the peacock's steps has become.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हे मेरे सिर, तूने इस दुनिया में मुझे कहाँ खींचा? मेरा सिर मोर के पैरों की धूल हो गया।
विस्तार
यह शेर एक गहरे अहसास को बयां करता है—कि दुनिया में इंसान कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए, आखिर में वह खुद को तुच्छ महसूस करता है। शायर कहते हैं कि मैं खुद को सिर का ताज समझता था, दुनिया में अपना घमंड था। मगर जीवन के सफर ने दिखाया कि मेरी असलियत तो बस एक मोर के क़दमों की धूल मात्र थी। यह अहंकार और वास्तविकता के बीच का फासला बताता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
