वो दश्त-ए-ख़ौफ़-नाक रहा है मिरा वतन
सुन कर जिसे ख़िज़्र ने सफ़र से हज़र किया
“My homeland has become a terrifying wilderness, that Khizr heard from on his journey.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरा वतन एक भयानक रेगिस्तान बन गया है, यह बात ख़िज़्र ने अपने सफ़र से सुनकर जानी।
विस्तार
यह शेर अपने वतन के मलाल को बयान करता है। शायर कहते हैं कि उनका वतन अब 'ख़ौफ़नाक दश्त' बन गया है, यानी जो कभी रौनक और सुकून का ठिकाना था, वो अब वीरान हो गया है। ख़िज़्र का ज़िक्र यहाँ इस बात पर ज़ोर देता है कि यह गिरावट कितनी बड़ी है। यह एक ऐसा विलाप है जो वतन की खोई हुई शान और रौनक पर किया गया है।
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