देखा ये नाव-नोश कि नीश-ए-फ़िराक़ से
सीना तमाम ख़ाना-ए-ज़ंबूर हो गया
“Seeing this boat, whether it is a sign or an end of separation, My entire chest became a house of sorrows.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
देखा इस नाव-नोश को, कि यह बिछोह का कोई संकेत है या अंत, मेरा पूरा सीना ग़मों का घर हो गया।
विस्तार
यह शेर एक बहुत ही गहरा एहसास बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि जब कोई मुसाफ़िर (नाव-नोश) को यह एहसास होता है कि अब बिछड़ना तय है, तो उसका दिल रोना नहीं छोड़ता। बल्कि, उसका पूरा सीना एक संगीत का ख़ाना बन जाता है! यह दर्द का वो सुर है, वो धुन है जो जुदाई के गम को भी एक खूबसूरत नज़्म बना देती है। दिल का हर दर्द, एक धुन बन जाता है।
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