दिल जो ज़ेर-ए-ग़ुबार अक्सर था
कुछ मिज़ाज इन दिनों मुकद्दर था
“The heart that was often under the dust, Had some temperament that was destined these days.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
वह दिल जो अक्सर धूल के नीचे था, उसमें इन दिनों का कोई भाग्य निर्धारित मिज़ाज था।
विस्तार
ये शेर एक बहुत ही गहरी भावना को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि दिल जो अक्सर धूल में सना रहता है, यानी जिसे हम नज़रअंदाज़ कर देते हैं... वो भी किसी खास वक़्त पर, किसी खास मिज़ाज के साथ ज़िंदा हो उठता है! यह एहसास होता है कि आपके अंदर कोई भावना बस इंतज़ार कर रही थी, और मुक़द्दर ने उसे जगा दिया। यह एक तरह की भावनात्मक जागृति है।
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