इस पे तकिया किया तो था लेकिन
रात-दिन हम थे और बिस्तर था
“If I placed a pillow on this, it would have been, but We were there day and night, and the bed was there.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अगर मैं इस पर तकिया रख देता तो था, लेकिन हम रात-दिन थे और बिस्तर भी था।
विस्तार
यह शेर बहुत ही गहरे एहसास को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि भले ही हमने किसी चीज़ पर तकिया रखा हो, लेकिन असलियत यह है कि हमारा जीवन, हमारी यादें और वो एहसास, रात-दिन हमारे साथ हैं। यह किसी ऐसे लगाव की बात है जो इतना गहरा है कि उसे छोड़ना मुमकिन नहीं।
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