इतने मुनइ'म जहान में गुज़रे
वक़्त रेहलत के किस कने ज़र था
“In this world full of people, through what journey did time pass?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
इस मुनइ'म जहान में समय किस यात्रा से गुज़रा?
विस्तार
यह शेर जीवन की क्षणभंगुरता और समय के बह जाने के दर्द को बयान करता है। शायर कहते हैं कि हमने दुनिया के हर आकर्षण को देखा, हर मंज़िल को पार किया.... लेकिन यह जो वक़्त गुज़रा, यह किसी मापदंड से नहीं मापा जा सका। यह एक गहरा अफसोस है कि ज़िंदगी का सफ़र इतना वक़्त लेकर आया, पर उसका कोई हिसाब नहीं रहा।
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