मर्ग इक माँदगी का वक़्फ़ा है
या'नी आगे चलेंगे दम ले कर
“The path is a pause of intoxication, Meaning, we will move forward, taking breath.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मर्ग एक मदहोशी का पड़ाव है, यानी आगे कदम बढ़ाते हुए साँस लेते रहना।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर का एक बहुत गहरा फ़लसफ़ा है। शायर कहते हैं कि मौत कोई अंत नहीं है, बल्कि यह तो बस ज़िंदगी की मस्ती से एक छोटा सा ठहराव (वक़फ़ा) है। इसका मतलब है कि हमें रुकना नहीं चाहिए; हमें साँस लेकर आगे बढ़ते रहना है। यह शेर हमें ज़िन्दगी की नश्वरता और आगे बढ़ते रहने की हिम्मत सिखाता है।
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