तसल्ली हुआ सब्र से कुछ मैं तुझ बिन
कभी ये क़यामत तरहदार होगा
“With patience, I found some solace, dear, though without you, This life will be like a catastrophe, I swear.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
सब्र से मुझे कुछ तसल्ली मिली है, पर तेरे बिना यह जीवन एक क़यामत जैसा होगा।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ बिछड़ने का दर्द नहीं बताता, बल्कि उस दर्द को सहने के बाद मिली थोड़ी सी तसल्ली को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि सब्र ने उन्हें कुछ सुकून तो दिया, लेकिन उनका डर कहीं और है। उन्हें डर है कि ये जो तकलीफ है ना, ये कभी किसी बड़े, क़यामत जैसे मंज़र में बदल सकती है। यह दर्द और डर का मिला-जुला एहसास है।
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