तुझ को मस्जिद है मुझ को मय-ख़ाना
वाइज़ा अपनी अपनी क़िस्मत है
“You have the mosque, I have the tavern (of love); This is the destiny that is ours, separate and apart.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
तुझ को मस्जिद है मुझ को मय-ख़ाना, वइज़ा अपनी अपनी क़िस्मत है। इसका अर्थ है कि तुम धार्मिकता या व्यवस्था के स्थान पर हो, और मैं प्रेम और मस्ती के स्थान पर हूँ; और यह हमारी अपनी अलग-अलग नियति है।
विस्तार
यह शेर जीवन में मतभेदों को स्वीकार करने की बात करता है। शायर कहते हैं कि किसी के लिए आस्था का मार्ग है, और किसी के लिए इश्क़ और जुनून का। यह एक तरह का समझौता है, एक स्वीकारोक्ति! कि हम सब अलग हैं, और हर इंसान की अपनी तकदीर होती है। यह सिर्फ़ मोहब्बत की बात नहीं, बल्कि अपनी पहचान को जीने की बात है।
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